ज्ञान भारतम् ऐप पर मध्यप्रदेश ने 3 जुलाई 2026 तक 34 लाख 45 हजार 439 पांडुलिपि-पन्नों का पंजीयन दर्ज किया। 6 जुलाई की विज्ञप्ति इसे देश में पहला स्थान बताती है।

साथ में 12 लाख 13 हजार 127 सत्यापित पांडुलिपियों का अलग आंकड़ा है। बची प्रविष्टियों का परीक्षण जारी बताया गया।

पंजीयन सामग्री का सूची में आना है; सत्यापन उसकी जांच। डिजिटल संग्रह की प्रगति में दोनों चरण अलग हैं।

पन्नों के पंजीयन और पांडुलिपियों के सत्यापन के आंकड़े अलग इकाइयों में हैं। विज्ञप्ति के मुताबिक बाकी प्रविष्टियों की जांच जारी थी।

मुख्य बातें

  • आंकड़े 3 जुलाई 2026 तक के हैं।
  • 34,45,439 पांडुलिपि-पन्नों का पंजीयन दर्ज है।
  • 12,13,127 पांडुलिपियां सत्यापित बताई गईं।

स्रोत और संदर्भ

  1. मध्यप्रदेश जनसम्पर्क विभाग · दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियों को सहेजने और संरक्षित करने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम ↗6 जुलाई 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 16 सितंबर 2026।

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